Tuesday, 4 February 2014

गीतों का खजाना

खेलखूद गीत



                                                        अनुभा  ढमढेरे 
                                                                                                                              k.v.Vijayawada,Hyderabad region

आओ बच्चो खेलो खुदो बाज़ी लगावों दौड्क की
इसी देश को सबसे जरूरत सशक्त और बलवान की

यह देखो बीमार यहा का कैसा रोता धोता है
पैसा पास मे होकर भी  बेचैनी से तड़पता है
दवेइयों से दुख मिटाने अपनी सेज़ सज़ाहा है
इन सबसे बचने दवाई है खुले मैदान की

यह देखो नीत दंड लगानेवाला कैसा मस्त है
खेलखुद मे अपने खिलाड़ियो का वह एक तारा है
नस-नस मे खिलाडी वृति कवोंशल्यों का झरना है
और चपलता ठूमक ठुमक कर नाच दिखाए शान की




खीर गीत


एसी खीर बनाइयेसरेमिलकर खाईए


१.अरे कोन खायेगा चमच्च से हम खायेंगे चमच्च से !


चमच्च चमच्च चमच्च चमच्च चमच्च चमच्च चाहिये !


२. अरे कोन खाएगा थाली से.! हम खाएगें थाली से ,


थाली थाली थाली थाली थाली थाली चाहिय !


३. कोण खाएगा बाल्टी से हम खाएंगे बाल्टी से


बाल्टी बाल्टी बाल्टी बाल्टी बाल्टी बाल्टी बाल्टी चाहिय !


 ऋषि भारद्वाज



 के वि एन अ डी विशाखापट्नम 





कोली गीत

लार ला ला ला ला -3 ला ला ला


लार ला ला ला ला -3 ला ला ला


डोल डोलतय वरयावर बाय माझे 


डोल डोलतय वरयावर-२


लार ला ला ला ला -3 ला ला ला


लार ला ला ला ला -3 ला ला ला-२


1- हे … खंडोबा राया, पड़ते मी पाया 


तूज्या भेटीला, आनीन नौकेला 


हे … खंडोबा राया, पड़ते मी पाया 


तूज्या भेटीला, आनीन नौकेला 


डोल डोलतय वरयावर-२


लार ला ला ला ला -3 ला ला ला


लार ला ला ला ला -3 ला ला ला


2- पुनवेचा चाँद कसा बंदराला आयलाय 


पुनवेचा चाँद कसा बंदराला आयलाय 


 डोल डोलतय वरयावर बाय माझे 


 डोल डोलतय वरयावर-२


लार ला ला ला ला -3 ला ला ला 


लार ला ला ला ला -3 ला ला ला


३ – हे डोंगरची मावली,कोल्याची सावली 


दरयान कोल्याची हाकेला धावली 


हे डोंगरची मावली,कोल्याची सावली 


दरयान कोल्याची हाकेला धावली 


 डोल डोलतय वरयावर-२



K.V. RBNM SALBONI

KOLKATA REGION

गांधीजी जन्मदिवस गीत

जोड़ के हम सब प्यार के बंधन

भारत नया बनाएँगे

बापू के हम हर सपने को

पूरा कर दिखलाएँगे!!

कौन है हिन्दू कौन है मुस्लिम

कौन है सिख इसाई

सबसे पहले भारतवासीसभी हैं भाई भाई

पहला सपना बापू का ये पूरा कर दिखलायेंगे!!

कोई ना भूखा रह पाए

और कोई ना हो बेकार

आओ मिलकर हम सब

तोड़ें नफ़रत की दीवार

ये ही थी मरजी बापू की

हम यह भी कर दिखलाएँगे

.....................................................................................................................................................

MR. P.K. BISWAS 

K.V. RBNM SALBONI

KOLKATA REGION

स्वाधीनता दिवस गीत

स्वाधीन रहो सन्देश लिए

पंद्रह अगस्त फिर से आया

घर घर मेंकोनेकोनेमें

ध्वज भव्य तिरंगा लहराया

यह पवन पर्व हमारा है

इसदिन भारत आजाद हुआ

गूंजी हुँकार शहीदों की

साम्राज्यवाद बर्बाद हुआ

हो गया स्वप्ना पूरा सुभाष गाँधी का और भगत सिंह का

जल थल नभगिरी निर्झर घाटी ने

राष्ट्रगान मिलकर गाया!!

तन तो स्वतंत्र है आज किन्तु

मन अब भी पंजरे में कैदी

बेठे हैं पार अब भी पयोनिधि के

 जो सूत्र चलते है भेदी

सीमा पर काले बादल हैं

भीतर भीषणज्वाला सुलगी

हर्षोन्माद के आँचल में

बढ़ती पीड़ा का स्वर लाया!!

.........................................................................................................

MR. P.K. BISWAS 

K.V. RBNM SALBONI

KOLKATA REGION

बालदिवस गीत

बच्चो आओ ख़ुशी मनाओ बालदिवस है

इक सुर में सब मिलकर गाओ बालदिवस है

यह बच्चो को मिलजुलकर, जीना सिखलाये

बाल दिवस चाचा नेहरुकेयाद दिलाए

मन में प्यार की जोत जगाओ बाल दिवस है

चाचा नेहरु के आदर्श को अपनाओ

मिलजुल कर तुम इस धरती को स्वर्ग बनाओ

रंग बिरंगे फूल खिलाओ बालदिवस है

..................................................................................................खालिद रहीम..................................


छोटी सी मुन्नी, लाल गुलाबी चुन्नी 

पीले वाले सूट मे,चमचमाते बूट मे -2

क्लास 1 मे पढ़ती है, सबको टाटा करती है

टाटा बाय बाय-2 

छोटी सी चुन्नी ....................

2

हम बच्चे हैं नहीं सकता कोई डरा 

बुरा न बोले बुरा न सोचे न हे सुने बुरा

कभी न रोते हँसते रहते हा हा हा हा 

जोड़Action song
 के रख ले गुण सारे, नहीं सकता कोई चुरा 

बुरा न देखे, बुरा न बोले न ही सुने बुरा 

हम बच्चे हैं.........................

स्वेता तरार

के. वि. मनेन्द्रगढ़





 उत्तराखंड लोक गीत

कण प्यारो चौमासा डंडियो माँ बॉडी गे -2

तिसली धरती की तीस बुझे गे-2

1- खिल खिल गदनि खिखलान लागि गे 

गदनियों माँ घटकूल घूघराण लागि गे 

तिसली धरती की तीस बुझे गे-2 

कण प्यारो .......

2- हिवान्लि सी कुयडी डाडीयो माँ लोफी गे-2 

डांडी काठी की मुखड़ी आंख्यु माँ लुकी गे 

तिसली धरती की तीस बुझे गे-2 

कण प्यारो चौमासा .........

राजेश कुमार 

प्राथमिक संगीत 

के वि साहिबगंज 

रांची संभाग



THE LITTLE PLANT

IN THE HEART OF A SEED ,

BURRIED DEEP SO DEEP ,

A DEAR LITTLE PLANT,

LAY FAST ASLEEP .(WAKE)

“WAKE ”SAID THE SUNSHINE

AND CREEP TO THE LIGHT ,

‘’WAKE ” SAID THE VOICE

OF THE RAIN DROPS BRIGHT ,

THE LITTLE PLANT HEARD ,

AND IT ROSE TO SEE ,

WHAT THE WONDERFUL OUTSIDE,WORLD MIGHT BE..


K.V. RBNM SALBONI

KOLKATA REGION

गांधीजी जन्मदिवस गीत

जोड़ के हम सब प्यार के बंधन

भारत नया बनाएँगे

बापू के हम हर सपने को

पूरा कर दिखलाएँगे!!

कौन है हिन्दू कौन है मुस्लिम

कौन है सिख इसाई

सबसे पहले भारतवासीसभी हैं भाई भाई

पहला सपना बापू का ये पूरा कर दिखलायेंगे!!

कोई ना भूखा रह पाए

और कोई ना हो बेकार

आओ मिलकर हम सब

तोड़ें नफ़रत की दीवार

ये ही थी मरजी बापू की

हम यह भी कर दिखलाएँगे

.....................................................................................................................................................

MR. P.K. BISWAS 

K.V. RBNM SALBONI

KOLKATA REGION

स्वाधीनता दिवस गीत

स्वाधीन रहो सन्देश लिए

पंद्रह अगस्त फिर से आया

घर घर मेंकोनेकोनेमें

ध्वज भव्य तिरंगा लहराया

यह पवन पर्व हमारा है

इसदिन भारत आजाद हुआ

गूंजी हुँकार शहीदों की

साम्राज्यवाद बर्बाद हुआ

हो गया स्वप्ना पूरा सुभाष गाँधी का और भगत सिंह का

जल थल नभगिरी निर्झर घाटी ने

राष्ट्रगान मिलकर गाया!!

तन तो स्वतंत्र है आज किन्तु

मन अब भी पंजरे में कैदी

बेठे हैं पार अब भी पयोनिधि के

 जो सूत्र चलते है भेदी

सीमा पर काले बादल हैं

भीतर भीषणज्वाला सुलगी

हर्षोन्माद के आँचल में

बढ़ती पीड़ा का स्वर लाया!!

.........................................................................................................

MR. P.K. BISWAS 

K.V. RBNM SALBONI

KOLKATA REGION

बालदिवस गीत

बच्चो आओ ख़ुशी मनाओ बालदिवस है

इक सुर में सब मिलकर गाओ बालदिवस है

यह बच्चो को मिलजुलकर, जीना सिखलाये

बाल दिवस चाचा नेहरुकेयाद दिलाए

मन में प्यार की जोत जगाओ बाल दिवस है

चाचा नेहरु के आदर्श को अपनाओ

मिलजुल कर तुम इस धरती को स्वर्ग बनाओ

रंग बिरंगे फूल खिलाओ बालदिवस है


..................................................................................................खालिद रहीम..................................


K.V. RBNM SALBONI

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गांधीजी जन्मदिवस गीत

जोड़ के हम सब प्यार के बंधन

भारत नया बनाएँगे

बापू के हम हर सपने को

पूरा कर दिखलाएँगे!!

कौन है हिन्दू कौन है मुस्लिम

कौन है सिख इसाई

सबसे पहले भारतवासीसभी हैं भाई भाई

पहला सपना बापू का ये पूरा कर दिखलायेंगे!!

कोई ना भूखा रह पाए

और कोई ना हो बेकार

आओ मिलकर हम सब

तोड़ें नफ़रत की दीवार

ये ही थी मरजी बापू की

हम यह भी कर दिखलाएँगे

.....................................................................................................................................................

MR. P.K. BISWAS 

K.V. RBNM SALBONI

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स्वाधीनता दिवस गीत

स्वाधीन रहो सन्देश लिए

पंद्रह अगस्त फिर से आया

घर घर मेंकोनेकोनेमें

ध्वज भव्य तिरंगा लहराया

यह पवन पर्व हमारा है

इसदिन भारत आजाद हुआ

गूंजी हुँकार शहीदों की

साम्राज्यवाद बर्बाद हुआ

हो गया स्वप्ना पूरा सुभाष गाँधी का और भगत सिंह का

जल थल नभगिरी निर्झर घाटी ने

राष्ट्रगान मिलकर गाया!!

तन तो स्वतंत्र है आज किन्तु

मन अब भी पंजरे में कैदी

बेठे हैं पार अब भी पयोनिधि के

 जो सूत्र चलते है भेदी

सीमा पर काले बादल हैं

भीतर भीषणज्वाला सुलगी

हर्षोन्माद के आँचल में

बढ़ती पीड़ा का स्वर लाया!!

.........................................................................................................

MR. P.K. BISWAS 

K.V. RBNM SALBONI

KOLKATA REGION

बालदिवस गीत

बच्चो आओ ख़ुशी मनाओ बालदिवस है

इक सुर में सब मिलकर गाओ बालदिवस है

यह बच्चो को मिलजुलकर, जीना सिखलाये

बाल दिवस चाचा नेहरुकेयाद दिलाए

मन में प्यार की जोत जगाओ बाल दिवस है

चाचा नेहरु के आदर्श को अपनाओ

मिलजुल कर तुम इस धरती को स्वर्ग बनाओ

रंग बिरंगे फूल खिलाओ बालदिवस है

..................................................................................................खालिद रहीम..................................








K.V. RBNM SALBONI

KOLKATA REGION

गांधीजी जन्मदिवस गीत

जोड़ के हम सब प्यार के बंधन

भारत नया बनाएँगे

बापू के हम हर सपने को

पूरा कर दिखलाएँगे!!

कौन है हिन्दू कौन है मुस्लिम

कौन है सिख इसाई

सबसे पहले भारतवासीसभी हैं भाई भाई

पहला सपना बापू का ये पूरा कर दिखलायेंगे!!

कोई ना भूखा रह पाए

और कोई ना हो बेकार

आओ मिलकर हम सब

तोड़ें नफ़रत की दीवार

ये ही थी मरजी बापू की

हम यह भी कर दिखलाएँगे

.....................................................................................................................................................

MR. P.K. BISWAS 

K.V. RBNM SALBONI

KOLKATA REGION

स्वाधीनता दिवस गीत

स्वाधीन रहो सन्देश लिए

पंद्रह अगस्त फिर से आया

घर घर मेंकोनेकोनेमें

ध्वज भव्य तिरंगा लहराया

यह पवन पर्व हमारा है

इसदिन भारत आजाद हुआ

गूंजी हुँकार शहीदों की

साम्राज्यवाद बर्बाद हुआ

हो गया स्वप्ना पूरा सुभाष गाँधी का और भगत सिंह का

जल थल नभगिरी निर्झर घाटी ने

राष्ट्रगान मिलकर गाया!!

तन तो स्वतंत्र है आज किन्तु

मन अब भी पंजरे में कैदी

बेठे हैं पार अब भी पयोनिधि के

 जो सूत्र चलते है भेदी

सीमा पर काले बादल हैं

भीतर भीषणज्वाला सुलगी

हर्षोन्माद के आँचल में

बढ़ती पीड़ा का स्वर लाया!!

.........................................................................................................

MR. P.K. BISWAS 

K.V. RBNM SALBONI

KOLKATA REGION

बालदिवस गीत

बच्चो आओ ख़ुशी मनाओ बालदिवस है

इक सुर में सब मिलकर गाओ बालदिवस है

यह बच्चो को मिलजुलकर, जीना सिखलाये

बाल दिवस चाचा नेहरुकेयाद दिलाए

मन में प्यार की जोत जगाओ बाल दिवस है

चाचा नेहरु के आदर्श को अपनाओ

मिलजुल कर तुम इस धरती को स्वर्ग बनाओ

रंग बिरंगे फूल खिलाओ बालदिवस है

..................................................................................................खालिद रहीम..................................


लेखक देवुलापल्ली कृष्ण शास्त्री

जय जय जय प्रिय भारत,जनयिथ्री दिव्य धात्री

जय जय जय सेता सहस्र नर नारी हृदयानेत्री

जय जय सस्यमला सुसयामा चला चेलंचला

जय वसन्ता कुसुमा लता चलिथा ललिता कुरना कूंथला

जय मदीय हृदयाशेय लक्षरूना पदयुगला

जय दिशांता गथ शकुनथा दिव्य गाना परिथोशना

जय गायका वाइथालिका गल विशाला पदविहरण 

जय मदीय मधुरा गेय चुंबिता सुंदरा चरना 

 श्रीमति मंगला मुदिगोंडा

 के.वी गछिबौली हैदराबाद रीजजीयन

लेखक देवुलापल्ली कृष्ण शास्त्री

जय जय जय प्रिय भारत,जनयिथ्री दिव्य धात्री

जय जय जय सेता सहस्र नर नारी हृदयानेत्री

जय जय सस्यमला सुसयामा चला चेलंचला

जय वसन्ता कुसुमा लता चलिथा ललिता कुरना कूंथला

जय मदीय हृदयाशेय लक्षरूना पदयुगला

जय दिशांता गथ शकुनथा दिव्य गाना परिथोशना

जय गायका वाइथालिका गल विशाला पदविहरण 

जय मदीय मधुरा गेय चुंबिता सुंदरा चरना 

   श्रीमति मंगला मुदिगोंडा

    के.वी गछिबौली हैदराबाद रीजजीयन





लेखक देवुलापल्ली कृष्ण शास्त्री

जय जय जय प्रिय भारत,जनयिथ्री दिव्य धात्री

जय जय जय सेता सहस्र नर नारी हृदयानेत्री

जय जय सस्यमला सुसयामा चला चेलंचला

जय वसन्ता कुसुमा लता चलिथा ललिता कुरना कूंथला

जय मदीय हृदयाशेय लक्षरूना पदयुगला

जय दिशांता गथ शकुनथा दिव्य गाना परिथोशना

जय गायका वाइथालिका गल विशाला पदविहरण 

जय मदीय मधुरा गेय चुंबिता सुंदरा चरना 

 श्रीमति मंगला मुदिगोंडा

 के.वी गछिबौली हैदराबाद रीजजीयन


 यं चन्द्रशेखर

 के वि मचिलीपट्नम, हैदराबाद रीज़ियन

देश भक्ति गीत तेलुग

चिन्ना माट चेबुतानु चिट्टी तम्मुड़ू

अदी कलनैना मरुवरादु नीवु येप्पुडु

नी देशम पावित्रम नी संस्कृति पवित्रम

अड़ुगड़ूगुन नी वेनकन वुन्नदि घन चरित्रम

गंगा गोदावरी कृष्णा कावेरी एन्नेनो जीवनदुल सारम नीदी

रावय्या अनि निन्नू पिलिचे नोकडु वावा अनि नोरारा पलिके नोकडु

आवो अनि अन्ना आषों अनिअन्ना भाषलेन्नि वुन्ना भवमोककटे

बटलेन्नी वुन्ना गम्य मोककटे 

ए देशम ए खंडम ए चोटिकी वेल्लिना

एवरय्या अनि निन्नू येवरू अडिगिना

वोरिया वाण्णनि नीवुअनकूड़ादु

पंजाबीवाला अनि पलुक कूडदू

नी नुडी एदैना नी जात्तेदैना 

भारतीयुडनु नेननी चेप्पुतममुडु

मात्रु देश प्रगति चाटिचेप्पू तम्मुडु

 केशराजू यादगीरी रावु

 के वी गोलकोंडा 2,हैदराबाद रीजीयन


पल्ली गीति

ओ शोंना दीदी लो

ओ रांगा दीदी लो

जामाई एलो पोष मासेर रेते एलेलो

जामाई एलो पोष मासेर रेते

1. एक कुठुरी घर आमार

आछे ढेकी शाल

ताते आबार बाँधा थाके

छागल भेरार पाल

घरेर मेछेय सुये थाके

बोउते और बेटाते

2. बिछाना पातीनाईको तेमन

नाईको भातो बालिश

जाओ अछे ताओ आबार

ते आठाए मालिश

पोसेर एई दारुन शीते

3. जामाई के दिलं सुते

छागल भेजा सोराय पते

ढेक शालेर पिटेते

खेते दिलं पीठा पुली

कोया दिवो सुतेलो

..............................................................................................................................................



फसल केसमय का लोकगीत

बन्निरो गेलियाराल्ली बेग बन्निरो,

राईतरिल्ला होलादिनाव दुडिवा बन्निरो

1.

नेलावन्ने हुत्तिनावु बिजबित्तुवा 

हगनेल्ला होलादीनावु दुडिवा उन्निवा

देश सेवे गागीनावु येद्दुनिल्लुवा

ओ देवा नि कायो दुडिवा रईतरा

2.

सालू सारो सागुतली सेसीय नेडुवा

हाडीहाडी रागदली दनिवा मरेवा

बेग बेग दुडिदू नावु मनेया सेरुवा

ओ देवा नि कायो दुडिवा रईतरा

MRS. N.P. LAKSHMI( RESOURCE PERSON)

K.V. HEBBAL(BANGALORE REGION)



असमिया लोक गीत

एई खानी गाँव निज़ोर अपुन ईयाते

देखू मोनोर हपुंन कुनी जोमी साय

हजोंन कानॉन फ़ूलोर पातोर हजोंन कानॉन

 एई गाऊं निज़ोर अपुन एई गाँव आपुन आपुन 

कुनी जोमी साय बगुली नासिछे 

नासिनासी हाय कुंदोंन –२ 

फ़ूलोर पातोर हजोंन कानॉन 

एई गाऊं निज़ोर अपुन एई गाँव आपुन आपुन

 सुतपा मुखर्जी